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विभागीय गतिविधियाँ

सामान्य जानकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग के हितग्राही समाज के कमजोर वर्ग, महिलाएं और बच्चे हैं, जिनके विकास व कल्याण का कार्य आसान एवं अल्प अवधि में पूरा होने वाला नहीं है। विभाग की कई योजनाओं का विस्तार हुआ हैं, वहीं लाडली लक्ष्मी योजना,अटल बाल मिशन, समेकित बाल संरक्षण योजना जैसी नई योजनाएं भी संचालित की जा रही है। गतिशील रहते हुए विभाग ने विकास के लिए प्रत्येक चुनौती को स्वीकार किया है। उपलब्धि के आंकड़ें बड़े नहीं है किन्तु समाज में महिलाओं की स्थिति में निरंतर सुधार हुआ है, महिलाओं में अपने अधिकारों व हितों के प्रति जागरुकता आई है, बच्चों के कुपोषण में कमी आई है।

किसी भी देश का विकास मानव विकास के बिना संभव ही नहीं है। विकास की इस नवीन अवधारणा के अनुसार ही आजकल विकास का मूल्यांकन मानव विकास सूचकांकांे के आधार पर किया जाने लगा है। इसी पैमाने को संयुक्त राष्ट्रसंघ, विश्व बंैक जैसी अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने भी अपनाया है।

इन सूचकांकों में शिशु मृत्यु दर, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (लाईफ एक्सपैक्टेन्सी एट बर्थ), साक्षरता दर और बच्चों का पोषण स्तर प्रमुख हैं। मध्यप्रदेश शासन भी इन कसौटियों पर खरा उतरने के लिए महिलाओं और बच्चों के विकास और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है जो कि प्रदेश की आबादी का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

माननीया मंत्रीजी

श्रीमती अर्चना चिटनिस

मंत्री महिला एवं बाल विकास

माननीया राज्य मंत्री

श्रीमती ललिता यादव

राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग

पुरस्कार